शनिवार, 27 सितंबर 2008

shyari

अच्छा है जो तू मुझे याद नही करता
मेरे लिए वक्त बर्बाद नही करता
शुक्र है जो तू ख़ुद में मशगुल है
तेरे लिए मुझे यह गम भी कबूल है !

कौन कहता है की
शमा जलाने से रोशनी होती है
मैने दिल को जलाया
पर अँधेरा कायम रहा !

2 टिप्‍पणियां:

Unknown ने कहा…

bhaut badiya

Unknown ने कहा…

अच्छा है जो तू मुझे याद नही करता
मेरे लिए वक्त बर्बाद नही करता
शुक्र है जो तू ख़ुद में मशगुल है
तेरे लिए मुझे यह गम भी कबूल है !

कौन कहता है की
शमा जलाने से रोशनी होती है
मैने दिल को जलाया
पर अँधेरा कायम रहा !